राजस्थान सरकार ने 30 मार्च 2025 को नव संवत् चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर 'राजस्थान दिवस' को भव्य स्तर पर सप्ताहभर मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने और नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं, को अपने इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस पहल का स्वागत किया और बताया कि 1949 में इसी दिन लौहपुरुष सरदार पटेल ने विभिन्न रियासतों को मिलाकर 'वृहद राजस्थान' की स्थापना की थी। सरकार ने इस भव्य आयोजन के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है और भविष्य में भी राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर ही मनाने का निर्णय लिया गया है।
बुधवार को विधानसभा में 2025-2026 के बजट और वित्त विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग से संबंधित कई नई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने 'भारत एवं राजस्थान पहचान भ्रमण कार्यक्रम' शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य युवाओं और नागरिकों को देश की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराना है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई विकास कार्य किए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए मेनार-उदयपुर में विशेष विकास कार्य किए जाएंगे। झालावाड़ में गागरोन में रामानंद जी की छतरी का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा, जबकि भरतपुर में बांके बिहारी मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और गंगा मंदिर के विकास कार्य होंगे। जयपुर में श्री गलता जी मंदिर के लिए वृहद स्तर पर सुधार कार्य किए जाएंगे।
इसके अलावा, बांसवाड़ा में भैरवजी मंदिर, भवानपुरा और आनंदपुरी में संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे, वहीं अलवर में श्री भूरासिद्ध महाराज की पर्वत श्रृंखला पर स्थित शिव मंदिर समूहों का भी विकास किया जाएगा। जैसलमेर के गुहड़ा में संत सदाराम जी महाराज के पेनोरमा निर्माण का कार्य प्रस्तावित किया गया है। प्रदेशभर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अजमेर, जयपुर, पाली, चित्तौड़गढ़, अलवर, चूरू, जोधपुर, उदयपुर, करौली, राजसमंद, टोंक, सिरोही, जैसलमेर और बारां में स्थित राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) की संपत्तियों को निजी क्षेत्र के सहयोग से कार्यशील बनाने की योजना है।
अजमेर में राजकीय संग्रहालय और किले के संरक्षण एवं उन्नयन के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही, अजमेर के प्रवेश द्वार से लेकर अंबेडकर सर्किल तक सड़क मार्ग और विभिन्न चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इन योजनाओं से न केवल प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर को संजोया जाएगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
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