जयपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण के तहत प्रदेश की लगभग 1630 बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ा जायेगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि अनुमानित 3 हजार 500 करोड़ की लागत से लगभग 5 हजार किमी पक्की सड़कों का निर्माण करवाकर दूरदराज के गांवों, ढ़ाणियों/बसावटों को सर्वकालिक सड़कों से जोड़ा जायेगा।
उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अन्तर्गत स्थापित राजस्थान ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी बसावटों को सर्वकालिक पक्की सड़कों से जोडना हमारी पहली प्राथमिकता है। इससे न केवल परिवहन सुगम एवं तीव्र होगा बल्कि आर्थिक विकास के भी नये द्वार खुलेगें।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस प्रकार पीएमजीएसवाई चतुर्थ चरण में सड़कों के सर्वे में प्रदेश देश में शीर्ष पर रहा है उसी गति से सड़क निर्माण में भी काम करवाये ओर प्रदेश को देश में शीर्ष स्थान पर लाये। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से यथाशीघ्र स्वीकृतिया प्राप्त करके शीघ्र सड़कों का निर्माण शुरू करवाये।
गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण के अन्तर्गत प्रदेश की 1630 ग्रामीण बसावटों में सड़कों हेतु सर्वे का कार्य 31 जनवरी 2025 से पूर्व ही करवाया जा चुका है। देश में राजस्थान द्वारा यह सर्वे सबसे पहले पूरा करवाया गया है। इसके तहत 1374 मरूस्थलीय, जनजातीय एवं आशान्वित जिला/ब्लॉक कार्यक्रम के अन्तर्गत चिन्हित बसावटों, 500 से 999 आबादी की 191 बसावटों, 1000 एवं उससे अधिक की 30 बसावटों तथा धरती आभा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अन्तर्गत 35 बसावटों को सर्वकालिक पक्की सड़कों से जोड़ा जायेगा।
उप मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी व्यक्त की प्रदेश का पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत सड़क निर्माण में निर्मित लम्बाई के दृष्टिकोण से देश में दूसरा स्थान है। उन्होनें प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम के तहत करवाये जा रहे सड़क निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव टी सी गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
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