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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान ऑडिटोरियम, दुर्गापुरा में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन करते हुए उनके सम्मान एवं सुविधाओं में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,000 तथा चिकित्सा सहायता ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,000 करने की घोषणा की। अब उन्हें प्रतिमाह कुल ₹30,000 की सहायता प्राप्त होगी। साथ ही राजस्थान रोडवेज में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल ने संविधान और लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने का काम किया। संविधान की रक्षा में लोकतंत्र सेनानियों का अविस्मरणीय योगदान है। उन्होंने कहा कि इतिहास के उन घटनाक्रमों को याद रखना बेहद जरूरी है जब देश के लोकतांत्रिक ढांचे और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को न केवल नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि देश को जेलखाना तक बना दिया गया था। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की भावना की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे सभी इन विभूतियों के राष्ट्र के प्रति संघर्ष एवं समर्पण को आत्मसात् करें।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में की घोषणा
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन को 5 हजार रुपये बढ़ाकर 25 हजार रुपये तथा मासिक चिकित्सा सहायता को 1 हजार रुपये बढ़ाकर 5 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में हमारी सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि को तत्काल प्रभाव से बहाल किया। 

उन्होंने कहा की आपातकाल के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेई, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह जैसे लगभग 1 लाख से अधिक नेताओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को बिना मुकदमे चलाएं जेल में कैद कर दिया था। राजस्थान से भैरोंसिंह शेखावत, जगदीश प्रसाद माथुर, सतीश चंद्र अग्रवाल और राजेंद्र गहलोत जैसे अनेक कार्यकर्ताओं को भी जेल में यातनाएं सहनी पड़ी। इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित करने के साथ न्यायपालिका की स्वतंत्रता और मीडिया पर सेंसरशिप जैसे कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष एवं समर्पण की मूल भावना के अनुरूप ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में लोकतंत्र एवं संविधान मजबूत बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने संविधान दिवस मनाने की शुरुआत कर संविधान निर्माताओं का सम्मान किया। साथ ही संविधान के शिल्पी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर से जुड़े स्थानों को पंचतीर्थ बनाकर उन्हें सम्मान देने का काम किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने स्वार्थ की खातिर आपातकाल लगाया और संविधान की हत्या की। आज कांग्रेस पार्टी संविधान की दुहाई देती है और संविधान को बचाने का पाखंड करती है। लेकिन कांग्रेस ने लोकतंत्र के रक्षक नहीं बल्कि भक्षक बनने का काम किया। इनके मंसूबे सिर्फ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के मंसूबे हैं और राष्ट्र के हित में कांग्रेस ने कभी काम नहीं किया। कांग्रेस ने देश में चुनी हुई सरकारों को भंग करने का काम किया। 
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे देश को स्वतंत्र कराया था और लोकतंत्र सेनानियों ने हमारे संविधान को बचाने का काम किया है। आपातकाल के दौरान हुए अत्याचार से नई पीढ़ी को हमें अवगत कराना चाहिए कि जब कोई व्यक्ति संविधान की आत्मा को कुचलता है तो देश को किस तरह बुरे नतीजे भुगतने पड़ते हैं। हमारी नई पीढ़ी को भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटने वाले इस घटनाक्रम को परिचय कराना होगा। 
राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष से ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना संभव हो सकी। समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू थी तथा नागरिक स्वतंत्रताओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जबरन नसबंदी अभियान चलाया गया, जिससे आम जनता में भय और असंतोष का वातावरण उत्पन्न हुआ। 
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्यकर्ताओं ने भूमिगत रहकर जनजागरण का कार्य जारी रखा। वर्ष 1977 के आम चुनाव में जनता ने आपातकाल के विरुद्ध अपना स्पष्ट जनादेश दिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हुई। लोकतंत्र सेनानियों का योगदान देश सदैव स्मरण रखेगा। 
राज्यसभा सांसद एवं लोकतंत्र सेनानी घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि आपातकाल की पृष्ठभूमि गुजरात के नवनिर्माण आंदोलन और बिहार के छात्र-युवा आंदोलन से तैयार हुई थी, जिसका नेतृत्व लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री के चुनाव को अवैध घोषित किए जाने के बाद लोकतांत्रिक संकट और गहरा गया था। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि आपातकाल के दौरान उन्हें भी गिरफ्तार किया गया तथा उन्होंने भूमिगत रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए कार्य किया। लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और अधिकारों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।
पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अशोक परनामी ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को देश पर थोपा गया आपातकाल हमारे लोकतांत्रिक इतिहास पर काला धब्बा है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ने वालों को जेल में डाला और यातनाएं दीं। 
समारोह में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, लोकसभा सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंद आचार्य, पूर्व मंत्री नाथू सिंह गुर्जर, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, भूपेन्द्र सैनी सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सेनानियों का योगदान अविस्मरणीय - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। कारवां कामयाबी का (के 3 फिल्मस) प्रोडक्शन हाऊस के बैनर तले  रिश्तों की संवेदनाओं, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय भावनाओं को नई दिशा देने वाली बनी बहुचर्चित सामाजिक लघु फिल्म "जहाँ रास्ते मुड़ते हैं" का पोस्टर विमोचन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी, उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा तथा राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के करकमलों द्वारा गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समाज में रिश्तों के महत्व, प्रेम, विश्वास और पुनर्मिलन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाए गए फिल्म के विशेष प्रचार अभियान को भी प्रदेश के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्नेह और समर्थन प्राप्त हुआ। फिल्म के पोस्टर प्रमोशन अभियान में राजस्थान की जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, सिविल लाइन विधायक श्री गोपाल शर्मा, निर्वतमान महापौर श्रीमती कुसुम यादव तथा  जयपुर ट्रैफिक इंचार्ज और प्रसिद्ध यूट्यूबर श्री पी.के. मस्त ने अपनी शुभकामनाएँ एवं सहयोग प्रदान कर इस सामाजिक संदेश को व्यापक जनसमर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लेखिका, निर्देशिका एवं गीतकार ज्योत्सना कौशिक की कलम और संवेदनशील सोच से साकार हुई यह फिल्म वर्तमान समाज में बढ़ती दूरियों, संवादहीनता और टूटते पारिवारिक रिश्तों के बीच आशा की एक नई किरण प्रस्तुत करती है।
फिल्म का मूल संदेश यह है कि रिश्ते अहंकार से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और समझदारी से जीवित रहते हैं।
फिल्म का भावपूर्ण शीर्षक गीत इसकी आत्मा है, जिसके मार्मिक बोल ज्योत्सना कौशिक ने लिखे हैं। गीत को प्रसिद्ध संगीतकार एवं गायक दीपक माथुर ने संगीतबद्ध किया है, जबकि राजस्थान की लोकप्रिय गायिका सुप्रिया जी ने अपनी मधुर एवं भावनात्मक आवाज़ से इसे विशेष ऊँचाई प्रदान की है।
फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में दीपक सोनी एवं मौली शर्मा नज़र आएंगे। वहीं मेहुल माथुर, अभिषेक शर्मा, राम सिंह शेखावत तथा रूद्र गहलोत ने अपने प्रभावशाली अभिनय से फिल्म को सशक्त बनाया है।

फिल्म के निर्माता राम नरेश गुप्ता ( चप्पू) हैं, जबकि सह-निर्माता मेहुल माथुर, सुनील कौशिक एवं मीना सोनी हैं। कथा विचार सलाहकार के रूप में दीपक सोनी का विशेष योगदान रहा है। फिल्म के छायांकन, निर्देशन सहयोग एवं सम्पादन का दायित्व हर्ष जे .कौशिक ने निभाया है, जबकि आकर्षक शीर्षक कैलिग्राफी एम.डी. सोनी द्वारा तैयार की गई है।
फिल्म "जहाँ रास्ते मुड़ते हैं" केवल एक कहानी नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को बचाने, परिवारों को जोड़ने और प्रेम को पुनः जीवित करने का एक संवेदनशील सामाजिक अभियान है।
 यह फिल्म दर्शकों के मन में एक गहरा प्रश्न छोड़ जाती है—
"कानून से तलाक लेना आसान हो सकता है, लेकिन क्या दो दिलों को फिर से जोड़ने का प्रयास नहीं होना चाहिए?"
इसी भावनात्मक संदेश के साथ यह फिल्म समाज में सकारात्मक सोच, पारिवारिक एकता और मानवीय रिश्तों की गरिमा को पुनर्स्थापित करने का सार्थक प्रयास कर रही है। फिल्म जगत एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह लघु फिल्म अपने विषय, संवेदना और संदेश के कारण दर्शकों के हृदय में विशेष स्थान बनाएगी।

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा एवं विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया "जहाँ रास्ते मुड़ते हैं" के पोस्टर का भव्य विमोचन

जयपुर। जवाहर कला केंद्र स्थित सुरेख आर्ट गैलरी में आयोजित युवा कलाकार सारा हर्ष की सोलो आर्ट एग्जिबीशन “चित्रहार – Unfolding Towards the Self” के दूसरे दिन भी कला प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला। कम उम्र में सृजनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्ति देने वाली इस प्रदर्शनी में सारा द्वारा निर्मित एब्सट्रैक्ट पेंटिंग्स को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।
दूसरे दिन प्रदर्शनी को देखने  पहुंचे  श्री वीरेंद्र चौधरी, अभिषेक पोद्दार, रोमा पोद्दार , श्याम सुंदर बिस्सा , डॉ मीता सिंह व रीता कुहाड़, सभी  ने सारा की कलात्मक दृष्टि, रंगों के प्रयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी कम आयु में कला के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास सराहनीय है।
“चित्रहार” में सारा ने अपने बचपन की शुरुआती ड्रॉइंग्स से लेकर 18 वर्ष की आयु तक की अपनी कलायात्रा को प्रदर्शित किया है। यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि एक युवा कलाकार की कल्पनाओं और रचनात्मक विकास की कहानी भी प्रस्तुत करती  । कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवा कलाकारों ने सारा की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनकी रचनाओं में झलकती संवेदनशीलता की सराहना की।
दो दिवसीय यह प्रदर्शनी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कला के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित करने का एक सुंदर प्रयास है। सारा हर्ष की यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए प्रेरणा और सृजनशीलता का एक विशेष अनुभव बन रही है।

चित्रहार प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी सारा हर्ष की कलाकृतियों ने दर्शकों का मन मोहा

जयपुर। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को खातीपुरा रेलवे स्टेशन से जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ किया तथा ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, मेगा कोचिंग टर्मिनल खातीपुरा एवं रेलवे स्टेशनों पर उन्नत यात्री सुविधाओं का शुभारंभ भी किया। 
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। उन्होंने सीकर के सुंदरपुरा में रेलवे स्टेशन विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे खाटूश्यामजी के लाखों श्रद्धालुओं का सफर आसान होगा।  
उन्होंने कहा कि जयपुर में विकसित मेगा कोचिंग टर्मिनल रेलवे अवसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेगा, यहां लगभग 450 रेलगाड़ियों का मेंटेनेंस किया जा सकेगा। इससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त रेलवे नेटवर्क देश की प्रगति का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण से राजस्थान में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को नई गति मिल रही है तथा प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नई रेल सेवाएं प्रदेशवासियों के सफर को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। उन्होंने कहा कि नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय विकास, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले एक दशक में रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के माध्यम से ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। देशभर में विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं तथा हर क्षेत्र तक रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां वंदे भारत ट्रेनें गति और आधुनिकता के नए मानक स्थापित कर रही हैं, वहीं नमो भारत रैपिड रेल शहरी कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रही है। अमृत भारत ट्रेनें आम यात्रियों को बेहतर एवं किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जबकि भारत गौरव ट्रेनें देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचा रही हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे का बढ़ता विद्युतीकरण भारत को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। नए रेल मार्ग, आधुनिक स्टेशन और अत्याधुनिक टर्मिनल देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान कर रहे हैं। चिनाब ब्रिज और बोगीबील ब्रिज जैसी परियोजनाएं भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का विश्वस्तरीय उदाहरण हैं।

रेल बजट में 15 गुना वृद्धि, राजस्थान को मिली ऐतिहासिक सौगातें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को रेलवे विकास की ऐतिहासिक सौगातें मिली हैं। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान राजस्थान को रेलवे के लिए औसतन 682 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो वर्ष 2026-27 में 15 गुना वृद्धि के साथ 10 हजार 228 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 76 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक लागत की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। प्रदेश में पांच जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं। वर्ष 2014 से अब तक लगभग 3 हजार 900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है। इसके अलावा दरभंगा-अजमेर अमृत भारत एक्सप्रेस के बाद अब जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात प्रदेश को मिली है।

फ्रेट कॉरिडोर और कार्गा टर्मिनल बन रहे आर्थिक विकास के इंजन
उन्होंने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। प्रदेश में 567 रूट किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 14 हजार 700 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। शक्ति कार्गा टर्मिनल योजना के अंतर्गत अनेक टर्मिनल स्थापित किए जा चुके हैं तथा कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगरा-बांदीकुई दोहरीकरण, अजमेर-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण, पुष्कर-मेड़ता नई रेल लाइन, सवाई माधोपुर-जयपुर दोहरीकरण, लूनी-भीलड़ी दोहरीकरण, श्योपुर कलां-कोटा नई रेल लाइन, तारंगा हिल-आबू रोड नई रेल लाइन तथा मथुरा-नागदा तीसरी एवं चौथी रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकास को नई गति दे रही हैं।

खातीपुरा बनेगा रेलवे का प्रमुख केंद्र
उन्होंने कहा कि जयपुर का खातीपुरा क्षेत्र भविष्य में रेलवे के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं और जयपुर के विस्तारित स्वरूप को ध्यान में रखते हुए यहां 205 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस टर्मिनल से वंदे भारत, डेमू एवं एलएचबी रेक सहित विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का मेंटेनेंस एक ही स्थान पर किया जा सकेगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह टर्मिनल उत्तर पश्चिम रेलवे की मेंटेनेंस क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा जयपुर जंक्शन पर परिचालन दबाव कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शुभारंभ कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर वीसी के जरिए जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस नई ट्रेन की सौगात मिलने से न केवल बिहार और राजस्थान का सम्पर्क मजबूत होगा, वहीं बिहार के लाखों नागरिकों के लिए राजस्थान का सफर भी आसान बनेगा। 

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का निरंतर विस्तार हो रहा है। पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विश्वस्तरीय रेलवे अवसंरचना और यात्री सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे आमजन को बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित यात्रा एवं आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में सांसद धनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा, विधायक कैलाश चंद वर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, रेलवे अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहे। 

जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ, केन्द्रीय रेल मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने हरी झण्डी दिखा किया रवाना

जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर  उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय परिसर में आयोजित योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं, मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों तथा गणमान्य नागरिकों के साथ योग कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी का प्रेरणादायक लाइव संबोधन भी सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग को वैश्विक पहचान दिलाने और इसे मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। यह व्यक्ति को ऊर्जा, एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है तथा इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। इस दौरान विधायक गोपाल शर्मा भी मौजूद रहे ।
योग शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अल्बर्ट हॉल में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया योगाभ्यास, पीएम मोदी का लाइव संबोधन सुना

जयपुर। पिंकसिटी प्रेस क्लब द्वारा पत्रकारों के बच्चों के लिए आयोजित 15 दिवसीय बाल अभिरुचि शिविर के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचने पर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को उपमुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र वितरित कर उनका
उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित होने वाले ऐसे शिविर बच्चों में रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों के साथ बेहतर संवाद और जुड़ाव बनाए रखें तथा जिस क्षेत्र में बच्चे आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें उसी दिशा में प्रोत्साहित करें और सहयोग दें।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ जी, सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा जी, आदर्श नगर विधानसभा भाजपा प्रत्याशी श्री रवि नैय्यर जी, पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मुकेश मीणा जी, महासचिव श्री राजकुमार शर्मा जी, संयोजक श्री अनीता शर्मा जी, पदाधिकारी, सदस्यगण एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

पिंकसिटी प्रेस क्लब के बाल अभिरुचि शिविर का समापन, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बच्चों को किए सम्मानित, अभिभावकों से बच्चों की रुचि के अनुसार आगे बढ़ाने की अपील

जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा जयपुर शहर द्वारा जिला कार्यालय में भव्य “योग गुरु सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह की अध्यक्षता भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने की।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के आगमन पर जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने दुपट्टा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्ण नारों, पुष्पवर्षा एवं जोशीले स्वागत के माध्यम से उनका अभिनंदन किया। 
समारोह में समाज में योग, स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले योगाचार्यों एवं योग प्रशिक्षकों का अंगवस्त्र, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग स्वस्थ, सकारात्मक एवं सशक्त समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और पूरा विश्व इसकी महत्ता को स्वीकार कर रहा है।
भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव विश्व को मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है और योग उसका सर्वोत्तम उदाहरण है। 
उन्होंने कहा कि आज सम्मानित किए जा रहे योग गुरु समाज को स्वस्थ, जागरूक एवं सकारात्मक बनाने का महान कार्य कर रहे हैं। उनके समर्पण, सेवा भाव एवं सतत प्रयासों से हजारों लोग योग से जुड़कर निरोग एवं संतुलित जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। 
मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर  मेघसिंह चौहान (क्रीड़ा भारती) भाजपा जयपुर शहर जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, रेखा राठौड़, राजेश तांबी सहित जिला पदाधिकारी, बड़ी संख्या में योगाचार्य, योग प्रशिक्षक, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति, युवा शक्ति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भाजपा जयपुर शहर का “योग गुरु सम्मान समारोह”, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया योगाचार्यों का सम्मान

नक्की झील के किनारे आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं आमजन के साथ किया योगा
प्रतिभागियों को दिलाई शपथ, गुब्बारे उड़ाकर विश्व शांति, निरोगी राजस्थान का दिया संदेश

आबू राज/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सिरोही जिले के आबूराज में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोलकाता में दिए गए संबोधन को भी सुना। 
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अरावली की पावन गोद में बसा आबू राज अध्यात्म की भूमि है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा आत्मिक शांति का अद्भुत संगम है। यहां की निर्मल वायु, हरियाली और आध्यात्मिक वातावरण योग की मूल भावना को साकार करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश ने योग को कर्म योग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के तौर पर विकास की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है। आज योग विश्वव्यापी जन आंदोलन बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि जैसे योग शरीर मन बुद्धि और आत्मा को जोड़ता है, वैसे ही योग विश्व को भी जोड़ रहा है। यह गर्व का विषय है कि हमारी प्राचीन योग की परंपरा मानवता के कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग‘ है। इसका संदेश यह है कि योग केवल युवाओं तक सीमित नहीं, बल्कि यह बढ़ती उम्र के लोगों को भी शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से मजबूत रखने का सशक्त माध्यम है। 
उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री की वैश्विक कूटनीति की बदौलत योग को संयुक्त राष्ट्र से मान्यता मिली। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया को योग से परिचित कराया, जिसके पश्चात संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की पहल की। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून 2015 को आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर  प्रधानमंत्री के साथ 35 हजार 985 लोगों ने एक साथ योग कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान को भी योग में विशेष पहचान मिली है। वर्ष 2018 में कोटा में 1 लाख 5 हज़ार से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। साथ हीं, वर्ष 2025 में योग संगम पोर्टल पर 85 लाख से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर रहा।
अरावली की वादियों में नक्की झील के किनारे आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को मन की स्थिरता, आत्मविकास, कर्तव्यनिष्ठा तथा समाज और विश्व में शांति, आनंद एवं स्वास्थ्य के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई। साथ ही, सफेद गुब्बारे उड़ाकर विश्व शांति एवं निरोगी राजस्थान का संदेश दिया गया। 
इस दौरान पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे।

12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस राज्यस्तरीय समारोह, योग मानव कल्याण का वैश्विक माध्यम - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा